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नुआपाड़ा उप-चुनाव में EVM को लेकर लगाए गए आरोपों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, ओडिशा का स्पष्टीकरण

PNS Bureau :-भुवनेश्वर, 10 नवम्बर 2025।
नुआपाड़ा विधानसभा उप-चुनाव में EVM से संबंधित एक राजनीतिक दल द्वारा लगाए गए आरोपों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, ओडिशा ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। आरोप था कि जिला निर्वाचन अधिकारी–सह–जिलापाल नुआपाड़ा ने 9 नवम्बर को गंजाम जिले से अवैध रूप से ईवीएम की एक ट्रक लोड खेप मंगवाई। इस समाचार को एक टीवी चैनल ने सत्यापन किए बिना प्रसारित किया था।


गंजाम EVM गोदाम इस माह खुला ही नहीं – CCTV फुटेज में कोई ट्रक दर्ज नहीं

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार:

  • गंजाम जिले के EVM गोदाम पूरे महीने खोले ही नहीं गए, मासिक निरीक्षण भी लंबित है।
  • CCTV फुटेज की जांच में किसी भी ट्रक के प्रवेश या निकास का रिकॉर्ड नहीं मिला।

नुआपाड़ा उप-चुनाव के लिए सभी EVM स्थानीय स्टॉक से – किसी अन्य जिले से एक भी मशीन नहीं लाई गई

  • नुआपाड़ा विधानसभा (71) उप-चुनाव के लिए कुल 720 सेट EVM और VVPAT पहली स्तर जांच (FLC) हेतु उपलब्ध कराए गए।
  • ये सभी मशीनें नुआपाड़ा जिले के अपनी स्टॉक से ली गईं
  • किसी भी जिला से EVM लाने या भेजने का कोई मामला नहीं हुआ।

EVM की तैयारी चार चरणों में, पूर्ण पारदर्शिता के साथ

चुनाव आयोग के निर्देशानुसार EVM तैयारी की पूरी प्रक्रिया विस्तृत रूप से की गई—

  1. पहली स्तर जांच (FLC) – 22 से 26 सितम्बर 2025 के बीच राजनीतिक दलों की उपस्थिति में।
  2. पहला रैंडमाइजेशन – 9 अक्टूबर 2025 को कंप्यूटर आधारित चयन, सूची सभी दलों को उपलब्ध।
  3. दूसरा रैंडमाइजेशन – 27 अक्टूबर 2025 को RO, ऑब्जर्वर और उम्मीदवार प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 358 मतदान केंद्रों हेतु चयन।
  4. कमीशनिंग – 27 से 29 अक्टूबर तक, आवश्यकता अनुसार मशीनों का प्रतिस्थापन भी किया गया।

सभी मशीनें डबल लॉक, पुलिस सुरक्षा, CAPF और 24×7 CCTV निगरानी में RO स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी गई थीं।


स्टॉन्ग रूम उम्मीदवारों की उपस्थिति में खोला गया

10 नवम्बर 2025 को:

  • वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ स्ट्रॉन्ग रूम उम्मीदवारों/प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोला गया।
  • सभी EVM और VVPAT प्रेसाइडिंग अधिकारियों को आधिकारिक रूप से सौंपे गए

सीरियल नंबर उम्मीदवारों को उपलब्ध – पूर्ण जांच की सुविधा

प्रत्येक BU, CU और VVPAT के सीरियल नंबर उम्मीदवारों को दिए गए हैं।

  • मतदान से पूर्व मॉक-पोल के दौरान पोलिंग एजेंट इन नंबरों का सत्यापन कर सकते हैं।
  • मतदान समाप्ति के बाद “Account of Votes” पर एजेंटों के हस्ताक्षर अनिवार्य।

“दूसरे जिले से EVM लाना बिल्कुल असंभव” – मुख्य निर्वाचन अधिकारी

CEO, ओडिशा ने कहा कि किसी भी जिलाधिकारी या व्यक्ति द्वारा दूसरे जिले से EVM लाना नियमों के तहत असंभव है।

उन्होंने कहा:

“ऐसे आधारहीन आरोप चुनाव प्रक्रिया पर जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं। जनता ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करे।”


साइलेंस पीरियड का पालन करने की अपील

चूंकि नुआपाड़ा उप-चुनाव में मौन अवधि लागू है, अतः मीडिया बाइट न देने या लेने की अपील की गई।


(PNS)

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